संभल।जनपद में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। पवांसा विकासखंड क्षेत्र सहित पूरे जिले में हजारों बीघा धान, गन्ना और बाजरे की फसल जलमग्न होकर बर्बाद हो गई है। खेतों में पानी भरने से फसलें सड़ रही हैं, वहीं कच्चे मकानों में पानी घुसने से ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है जिलाधिकारी सम्भल अंकित खण्डेलवाल का हाई अलर्ट भारत मौसम विज्ञान विभाग, प्रादेशिक केन्द्र लखनऊ द्वारा 25 से 27 सितंबर 2026 तक भारी से बहुत भारी वर्षा, आकाशीय बिजली और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। जिलाधिकारी अंकित खण्डेलवाल के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) सत्यप्रिय सिंह ने एडवाइजरी जारी की है
- निचले बाढ़ वाले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें, पेड़ों की शरण न लें
- सुरक्षित पक्के मकानों में आश्रय लेंअस्थायी असुरक्षित संरचनाओं को खाली कराएं
- कृषि अनाज और पानी से खराब होने वाले उत्पादों को ऊंचे स्थान पर रखें
- सिंचाई, कटाई और उर्वरक के प्रयोग से बचें कच्ची पानी से भरी सड़कों पर वाहन न चलाएं
- नालों मौसमी जलधाराओं नदी के बैराजों तटों और निचले इलाकों में न जाएं तटबंधों और बांधों की सुरक्षा करें
- अनावश्यक यात्रा स्थगित करें वैकल्पिक व्यवस्था की योजना तैयार रखें
समस्त तहसील थाना लेखपाल और कृषि विभाग को इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं।
समाजवादी पार्टी 32 असमोली विधायक पिंकी यादव ने कहा अन्नदाता किसान पहले से ही आलू जैसी फसलों के उचित दाम न मिलने से परेशान था। महंगे डीजल-पेट्रोल, महंगे बीज बिजली के बढ़े बिल और कीटनाशकों की ऊंची लागत से जूझ रहा हैअब लगातार बारिश ने धान और गन्ने की फसल पूरी तरह नष्ट कर दी है। किसान अपनी बेटी की शादी कैसे करेगा बच्चों की स्कूल की फीस कहां से भरेगा कर्ज कैसे चुकाएगा यह बहुत गंभीर स्थिति है। सरकार तुरंत राहत पैकेज घोषित करे
भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के जिलाध्यक्ष शंकर सिंह यादव की मांग ने जिलाधिकारी संभल से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। भारतीय किसान यूनियन टिकैत तहसील अध्यक्ष महेश यादव ने कहा कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हजारों बीघा धान और बाजरे की फसल नष्ट हो गई है, किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। जांच कराकर फसल नुकसान का आकलन कराया जाए और पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाए।बारिश से प्रभावित किसानों का जल्द से जल्द सर्वे कराकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए आसपास के गांवों में सैकड़ों बीघा धान की फसल पूरी तरह पानी में डूबी है, गन्ना के खेत भी बर्बाद हो गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि फसल पककर तैयार थी, अब पानी में सड़ रहीं हैं

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