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ग्रामीण पर्यटन से गांवों की पहचान और आजीविका को मिलेगा बढ़ावा


 

इंडियन भास्कर 24 

ब्यूरो चीफ आशीष कुमार गौतम 


लालगंज, प्रतापगढ़ । स्टेट माई विजिट एवं ग्रामीण पर्यटन विभाग की रूरल ग्राम गंगे परियोजना के तहत क्षेत्रीय लोगों ने पर्यटक ग्राम हंडौर, कुंभापुर और मनगढ़ का भ्रमण किया। इस दौरान ग्रामीण जीवनशैली, पारंपरिक कलाओं और पुरानी सभ्यता से जुड़ी परंपराओं को करीब से जानने का अवसर मिला।भ्रमण का नेतृत्व विभाग के फील्ड ऑफिसर डॉ. प्रमोद शुक्ल ने किया। दो दिवसीय भ्रमण के दौरान लोगों ने सरपत से मूंज की रस्सी बनाने, गौ-पालन, उपले तैयार करने और धान की खेती की पारंपरिक विधियों को देखा। क्रॉप कटिंग के जरिए फसल उत्पादन की प्रक्रिया समझी, वहीं होम स्टे के महत्व और ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं की भी जानकारी ली। भ्रमण के दौरान हंडौर में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा खिलौने बनाने की कला से परिचित होने के साथ ही पशुओं के लिए चारा काटने की मशीन, चकरी से आटा पीसने, मछली पालन, माटी‌ कला और काड़ी से धान की कुटाई कर चावल तैयार करने सहित कई जानकारी ली । डॉ. प्रमोद शुक्ल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की पुरानी सभ्यता, संस्कृति और पारंपरिक हुनर को जीवंत बनाए रखना परियोजना का प्रमुख उद्देश्य है। गांवों में आज भी ऐसी अनेक परंपराएं और कलाएं मौजूद हैं, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा हैं। ग्रामीण पर्यटन के माध्यम से इन परंपराओं को नई पहचान दी जा सकती है। इससे स्थानीय संसाधनों का उपयोग बढ़ने के साथ ही ग्रामीणों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी विकसित हो सकते हैं। उन्होंने ग्रामीण जीवन से जुड़ी परंपराओं को संरक्षित करने और नई पीढ़ी को इनसे परिचित कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इस दौरान समीर त्रिपाठी, रंजन कुमार, बालकृष्ण पांडेय, समीर त्रिपाठी, मो. रिजवान, सुजल शुक्ल और विकास पांडेय, अरविन्द दुबे आदि मौजूद रहे।

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