कौशांबी में प्रधानमंत्री आवास योजना के आवंटन में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है, जहाँ ग्राम पंचायत सचिव ने दो पात्र ग्रामीणों को बिना जांच के अपात्र घोषित कर दिया। शिकायत के बाद जांच में सचिव की रिपोर्ट गलत पाई गई और अब उच्च अधिकारियों द्वारा मामले की फिर से जांच कराई जा रही है।
HighLights
जिला पंचायत अध्यक्ष से मामले में दो पीड़ितों ने की शिकायत
मंडल अध्यक्ष ने जांच के बाद सचिव की रिपोर्ट गलत बताई
संसू, गुरौली (कौशांबी)। प्रधानमंत्री आवास की मांग करने वाले दो ग्रामीणों को अपात्र बताने के मामले में जांच की प्रक्रिया सवालों के घेरे में है। ग्राम पंचायत बिदांव निवासी दिनेश सिंह पुत्र ननकू सिंह और चंद्रपाल सिंह पुत्र बचान सिंह ने तीन अगस्त को प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि ग्राम पंचायत सचिव रामभवन ने मौके पर जांच किए बिना ही दोनों को अपात्र करार देते हुए रिपोर्ट लगा दी। मामले में जांच शुरू हो गई है।
इस संबंध में पीड़ितों ने शिकायत जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर से की। उनके निर्देश पर मंडल अध्यक्ष म्योहर भैयालाल गौतम ने जांच करके रिपोर्ट दी, जिसमें सचिव की रिपोर्ट को गलत बताते हुए दोनों ग्रामीणों को पात्र बताया गया। मामला जिलाधिकारी तक पहुंचा। उन्होंने सीडीओ को जांच के निर्देश दिए।

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